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छात्रावास से रात में निकलीं 40 छात्राएं, खिड़की के रास्ते पहुंचीं थाने : माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर में मचा हड़कंप, भोजन और क्षमता को लेकर छात्राओं ने बताई समस्याएं; प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

Shiv Kumar Upwal

2 weeks ago 279 views
माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर में मचा हड़कंप, भोजन और क्षमता को लेकर छात्राओं ने बताई समस्याएं; प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

शिवकुमार उपवाल,999389544...✍️

निसरपुर,धार 17 अगस्त। । निसरपुर स्थित माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर में छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब बड़ी संख्या में छात्राएं रात करीब 10 बजे खिड़की के रास्ते बाहर निकलकर कुक्षी थाने की ओर पैदल रवाना हो गईं। करीब 40 छात्राओं के इस तरह छात्रावास से निकलने की सूचना से स्थानीय प्रशासन और पुलिस में भी हलचल मच गई। रात के अंधेरे में छात्राओं को पैदल जाते देख स्थानीय लोगों ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और उनके साथ थाने तक पहुंचे।

रात में खिड़की से निकलकर सड़क पर पहुंचीं छात्राएं

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मिली जानकारी के अनुसार छात्राएं निसरपुर से खंडवा-बड़ौदा मार्ग की ओर पैदल बढ़ीं। रास्ते में स्थानीय लोगों ने उनसे बातचीत कर कारण जानने का प्रयास किया, लेकिन छात्राओं ने तत्काल कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। बाद में स्थानीय लोग सुरक्षा की दृष्टि से उनके साथ हो लिए।

छात्राओं के अनुसार छात्रावास में क्षमता के अनुपात में अधिक छात्राओं के रहने के कारण व्यवस्थाओं पर दबाव है। छात्राओं ने भोजन और नाश्ता मेन्यू के अनुसार नहीं मिलने तथा भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें रखीं। उनका आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें उचित समाधान मिलने के बजाय चुप रहने के लिए कहा जाता है।

निरीक्षण के दिन व्यवस्था ठीक, बाद में फिर वही स्थिति होने का आरोप

छात्राओं ने अधिकारियों के समक्ष यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान भोजन व्यवस्था बेहतर दिखाई जाती है, लेकिन निरीक्षण के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। छात्राओं का कहना था कि लगातार समस्याओं से परेशान होकर उन्हें रात में छात्रावास से बाहर निकलने जैसा कदम उठाना पड़ा। हालांकि, छात्राओं द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।

रास्ते में बिगड़ी एक छात्रा की तबीयत

थाने की ओर जाते समय एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। उसे तत्काल कुक्षी के कृष्णा हॉस्पिटल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया। इसके बाद अन्य छात्राएं आगे बढ़कर कुक्षी थाने पहुंचीं।

निसरपुर पुलिस ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखने के लिए थाने जाने पर अड़ी रहीं। स्थिति को देखते हुए पुलिस और स्थानीय लोगों ने वाहनों की व्यवस्था कर छात्राओं को सुरक्षित कुक्षी थाने पहुंचाया।

थाने में अधिकारियों के सामने रखीं शिकायतें

छात्राओं के थाने पहुंचने की सूचना मिलने पर जयस के रविराज बघेल भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से चर्चा की। इसके बाद तहसीलदार प्रवीण पाटीदार, एसडीओपी सुनील गुप्ता, टीआई दीपक चौहान तथा चौकी प्रभारी भुवानसिंह चौहान सहित अधिकारी थाने पहुंचे और छात्राओं की शिकायतें सुनीं।

अधिकारियों ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि सुबह एसडीएम के साथ छात्रावास पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया जाएगा और छात्राओं द्वारा बताई गई समस्याओं की जांच की जाएगी।

जांच और कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर रविराज बघेल ने छात्राओं की समस्याओं में उनके साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने व्यवस्था में सुधार नहीं होने की स्थिति में छात्राओं के साथ धरना-आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही छात्राओं पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाए जाने की मांग भी रखी। उन्होंने प्रदेश सरकार की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाते हुए मामले की गंभीरता से जांच की मांग की।

बाद में पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से छात्राओं को सुरक्षित वापस छात्रावास पहुंचाया गया।

अब जांच पर टिकी नजर

रात में छात्राओं का छात्रावास से बाहर निकलकर थाने पहुंचना पूरे मामले को गंभीर बना रहा है। अब सवाल छात्रावास की क्षमता, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा और छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच पर है। प्रशासन द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्राओं की शिकायतों में कितनी वास्तविकता है और व्यवस्थाओं में कि

न स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है।

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