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हनुमानगढ़ी विवाद पर बयानबाज़ी तेज, : 'सिद्ध करो या पद छोड़ो'— अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सीधा सवाल, सियासी और धार्मिक हलकों में बढ़ी हलचल

Shiv Kumar Upwal

1 month ago 49 views
'सिद्ध करो या पद छोड़ो'— अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सीधा सवाल, सियासी और धार्मिक हलकों में बढ़ी हलचल

हनुमानगढ़ी विवाद पर बयानबाज़ी तेज, शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री के दावे पर उठाए सवाल

नई दिल्ली/अयोध्या,19 जुलाई। हनुमानगढ़ी को लेकर दिया गया एक पुराना राजनीतिक बयान एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस मुद्दे पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस कथित बयान पर सवाल उठाया है, जिसमें कहा गया था कि "हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज़ पढ़ी गई थी।"

शंकराचार्य ने इस दावे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो उसके ठोस प्रमाण सार्वजनिक किए जाएँ। उन्होंने कहा कि यदि इस दावे का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है, तो जनता के समक्ष स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उनके अनुसार, सार्वजनिक जीवन में बैठे व्यक्तियों के बयानों की विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला होती है और ऐसे मामलों में तथ्य सर्वोपरि होने चाहिए।

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शंकराचार्य का यह बयान सामने आने के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। समर्थक और विरोधी अपने-अपने तर्कों के साथ सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सक्रिय हो गए हैं। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि संवेदनशील धार्मिक विषयों पर दिए जाने वाले सार्वजनिक बयानों की जवाबदेही किस प्रकार तय की जाए।

फिलहाल इस विषय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या इस विवाद पर कोई तथ्यात्मक स्पष्टीकरण या आधिकारिक जवाब दिया जाएगा।

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