पहली बारिश में ही बह गई व्यवस्थाओं की पोल! : पुनर्वास स्थल निसरपुर में नई सड़क बनी तालाब, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
Shiv Kumar Upwal
शिवकुमार उपवाल..✍️
निसरपुर,धार 23 जून 2026। करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के दावों के बीच पुनर्वास स्थल निसरपुर की नई सड़क ने पहली ही बारिश में अपनी हकीकत बयां कर दी। चंद माह पूर्व बनी सड़क पर सीजन की पहली बारिश के बाद ऐसा जलभराव हुआ कि सड़क सड़क कम और पोखर अधिक नजर आने लगी। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की मूलभूत व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। सड़क के दोनों ओर का स्तर ऐसा बना दिया गया कि बारिश का पानी निकलने के बजाय सड़क पर ही जमा होने लगा। नतीजा यह रहा कि पहली ही बरसात में आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क निर्माण पर करोड़ो रुपये खर्च किए गए तो क्या जल निकासी की व्यवस्था का तकनीकी परीक्षण किया गया था? यदि किया गया था तो फिर पहली ही बारिश में यह स्थिति क्यों निर्मित हुई?

मामला बढ़ने पर एनवीडीए के एसडीओ आर.वी. सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और सड़क पर जमा पानी की निकासी करवाई। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस नाले के माध्यम से पानी निकाला गया, वह नाला पहले से ही मिट्टी और गाद से भरा हुआ है। यदि समय रहते उसकी सफाई करवा दी जाती तो शायद यह स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।
रहवासियों का कहना है कि अभी तो मानसून की शुरुआत है। यदि पहली बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो रही हैं तो आने वाले दिनों में हालात और विकट हो सकते हैं। लोगों में यह चर्चा भी है कि कहीं विकास कार्य केवल कागजों और फाइलों तक सीमित तो नहीं रह गए?
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए तथा जल निकासी व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि बरसात के पूरे सीजन में नागरिकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सवाल जो जवाब मांगते हैं...
पहली ही बारिश में सड़क पर जलभराव क्यों हुआ?
सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की योजना क्या थी?
नालों की समय पर सफाई क्यों नहीं कराई गई?
क्या निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच होगी?
जनता पूछ रही है — अगर पहली बारिश में ही सड़क पोखर बन गई, तो पूरे मानसून में पुनर्वास स्थल का क्या हाल होगा?
विज्ञापन
सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था में मुस्तैद रही पुलिस
निसरपुर में भाजपा के शक्ति प्रदर्शन की खुली पोल?
प्राथमिक विद्यालय रामपुरा की बालसभा में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा ने मोहा मन, कल्पना शाह के मार्गदर्शन में दिखा नवाचार का अनूठा रंग
दिन में बार-बार बिजली गुल, रात में भी नहीं मिल रही नियमित आपूर्ति; बिजली कंपनी के अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
21 दिसंबर 1996 की आमसभा में उमड़ा था जनसैलाब, बाबा आमटे की मौजूदगी से जुड़ी हैं तस्वीरें; तीन दशक पुराने नर्मदा बचाओ आंदोलन के दौर की यादें फिर हुईं जीवंत
अनुभव और युवा जोश के संतुलन की पैरवी, बोले- लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उम्र के आधार पर नजरअंदाज करना सही नहीं
निधन की खबर से हिंदी और मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर
लिंगवा गांव में खेत की जाली काटकर दिया था वारदात को अंजाम, चार अन्य आरोपी फरार
20 लाख लीटर क्षमता का जल भंडारण, लेकिन छह दिनों से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे विस्थापित; ‘मोटर जल गई’ का रटा-रटाया जवाब देकर जिम्मेदारों ने झाड़ा पल्ला!
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुआ विवाद, सज्जन सिंह वर्मा के तीखे बोलों ने बढ़ाई हलचल