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दतिया उपचुनाव: भाजपा ने खेला अनुभवी दांव, : आशुतोष तिवारी को बनाया उम्मीदवार,भाजपा ने संगठन के मजबूत चेहरे पर जताया भरोसा

Shiv Kumar Upwal

3 months ago 236 views
आशुतोष तिवारी को बनाया उम्मीदवार,भाजपा ने संगठन के मजबूत चेहरे पर जताया भरोसा

भोपाल,10 जुलाई 2026 ।दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने वरिष्ठ भाजपा नेता आशुतोष तिवारी को चुनावी मैदान में उतारते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि वह इस प्रतिष्ठित मुकाबले में कोई जोखिम लेने के पक्ष में नहीं है। शुक्रवार को पार्टी नेतृत्व ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।

भाजपा का यह फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायालय के इस निर्णय के बाद दतिया उपचुनाव को लेकर लंबे समय से बनी राजनीतिक अनिश्चितता काफी हद तक समाप्त हो गई है और अब दोनों प्रमुख दल पूरी ताकत के साथ चुनावी रण में उतर चुके हैं।

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आशुतोष तिवारी लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सेवढ़ा विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन उस समय पार्टी ने प्रदीप अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया था। अब दतिया उपचुनाव में उन्हें मौका देकर भाजपा ने संगठन के प्रति उनकी लंबे समय की निष्ठा और अनुभव पर भरोसा जताया है।

तिवारी भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वे मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन के रूप में कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी संभाल चुके हैं। संगठनात्मक पकड़, प्रशासनिक अनुभव और क्षेत्रीय राजनीतिक समझ को भाजपा इस चुनाव में अपनी सबसे बड़ी ताकत मान रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह भाजपा और कांग्रेस के बीच प्रतिष्ठा की सीधी लड़ाई का रूप ले चुका है। ऐसे में भाजपा द्वारा अनुभवी चेहरे पर दांव लगाने से मुकाबला और भी रोचक होने की संभावना है।

राजनीतिक नजर

दतिया उपचुनाव के नतीजे न केवल क्षेत्रीय राजनीति की दिशा तय करेंगे, बल्कि प्रदेश की दोनों प्रमुख पार्टियों के संगठनात्मक दमखम और जनाधार की भी महत्वपूर्ण परीक्षा माने जा रहे हैं। अब सभी की निगाहें कांग्रेस के चुनावी अभियान और इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले के अगले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।

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