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28% कमीशन फिक्स है..."— निलंबित सब इंजीनियर के दावे से मचा बवाल : सतना से भोपाल तक भ्रष्टाचार की चेन का आरोप, बोले— 'हनुमानजी के सामने बच्चों की कसम खाकर कह दें कि कोई पैसा नहीं लेता'

Shiv Kumar Upwal

1 month ago 49 views
सतना से भोपाल तक भ्रष्टाचार की चेन का आरोप, बोले— 'हनुमानजी के सामने बच्चों की कसम खाकर कह दें कि कोई पैसा नहीं लेता'

सतना, म.प्र. 20 जुलाई 2026 । मध्य प्रदेश के सतना जिले की मझगवां जनपद पंचायत में पदस्थ रहे निलंबित सब इंजीनियर सतीश समेले के कथित बयान ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। निलंबन के बाद सामने आए उनके बयान में उन्होंने दावा किया कि सरकारी कार्यों में "28 प्रतिशत कमीशन फिक्स" रहता है और यह व्यवस्था केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि उच्च अधिकारियों तक जाती है।

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सतीश समेले ने दावा करते हुए कहा, "जनपद से लेकर भोपाल तक कौन पैसे नहीं लेता? अगर कोई नहीं लेता है तो अपने बच्चों की कसम हनुमानजी के सामने खाकर बता दे।" उनके इस बयान ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

समेले ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी कार्यों में कमीशन और चंदे की व्यवस्था एक सुनियोजित श्रृंखला की तरह काम करती है। उनके अनुसार, 28 प्रतिशत कमीशन तय माना जाता है, जबकि इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों का हिस्सा अलग से होता है।

उनके इस कथित बयान के सामने आने के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है। वहीं राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी यह मांग उठने लगी है कि यदि लगाए गए आरोपों में सच्चाई है तो पूरे मामले की

उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों या राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना शेष है। ऐसे में मामले की सत्यता की जांच और प्रशासन का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

बड़ा सवाल

यदि एक निलंबित अधिकारी खुलेआम यह दावा कर रहा है कि सरकारी तंत्र में कमीशन की व्यवस्था तय है, तो क्या इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा? अब सबकी निगाहें सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवा

ई पर टिकी हैं।

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