बड़ी खबरें
जहां हैंडपंप हैं, वहां सिंगल फेस मोटर लगाकर बच्चों को मिलेगा शुद्ध पेयजल; सरपंच अंतिम (अभयसिंह) पटेल ने की पहल 'सिद्ध करो या पद छोड़ो'— अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सीधा सवाल, सियासी और धार्मिक हलकों में बढ़ी हलचल सीएसआर मद से विकसित कम्प्यूटर लैब का किया निरीक्षण इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई, अस्पताल निर्माण का रास्ता हुआ साफ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के खातों में पहुंचेगी सहायता राशि, जगदीशपुर से होगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम महिला मंडल एवं सकल हिंदू समाज के संयुक्त आयोजन में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ निसरपुर ब्लॉक के आश्रम-छात्रावासों में वर्षों से जमे अधीक्षक, जवाब मांग रही जनता सतना से भोपाल तक भ्रष्टाचार की चेन का आरोप, बोले— 'हनुमानजी के सामने बच्चों की कसम खाकर कह दें कि कोई पैसा नहीं लेता' भारी बारिश के बाद पेजर नाले में उफान, लिप्पा गांव का संपर्क टूटा; रिहायशी इलाकों में घुसा मलबा आशुतोष तिवारी को बनाया उम्मीदवार,भाजपा ने संगठन के मजबूत चेहरे पर जताया भरोसा

एक माह में दस से भी ज्यादा जहरीले कोबरा और तीन अजगर निकल चुके हे... : सरकार के नुमाइंदों की गलती के कारण डूब से बाहर किए लोगों का जीवन नर्क से बदतर.....

Shiv Kumar Upwal

1 month ago 50 views
 सरकार के नुमाइंदों की गलती के कारण डूब से बाहर किए लोगों का जीवन नर्क से बदतर.....

शिवकुमार उपवाल...✍️

धार। मध्यप्रदेश में धार जिले के निसरपुर में सरदार सरोवर बांध के बेक वाटर से टापू में तब्दील हुए डाग बंगला व गांधीनगर, बेड़ीपुरा एरिया में रहने वाले डूब से बाहर किए बाशिंदे अपनी जान हथेली पर रख रहने को मजबूर है । क्यों को सरकार में बैठे नुमाइंदों की सूझबूझ की वजह से आज यह लोग अपना जीवन नर्क से बदतर तरीके से जी रहे है । इन क्षेत्रों को पूर्व में तो डूब क्षेत्र में लिया गया । लेकिन वर्ष 2017 की 13 कालम सूची में इन लोगों को डूब से बाहर बता कर नरकीय जीवन जीने को छोड़ दिया गया । जिसकी वजह से ये लोग आज भी डूब क्षेत्र में ही अपना जीवन बसर कर रहे है । जहां इन लोगों के घरों से महज कुछ कदमों की दूरी पर सरदार सरोवर बांध का बैक वाटर होने के कारण आए दिन जहरीले और जंगली जानवरों का आना लगा रहता है। ऐसा ही मामला आज टापू बने डाक बंगला क्षेत्र में देख ने को मिला जहां घर के पास पानी होने से लगी मछली की जाल में 12 फिट लबा और 20 किलो वजनी अजगर फंस गया । आज दोपहर दो बजे छोटे बच्चे खेल रहे थे घर में बंधी बकरियों के चिल्लाने की आवाज सुन बच्चो ने देखा तो उनके पीछे ही एक बड़ा अजगर रेंग रहा था । गनीमत रही की कोई बच्चा इसकी चपेट में नही आया नही तो एक बड़ा हादसा हो सकता था । जिसके कारण क्षेत्र के रहवासियों में डर का माहौल पैदा हो गया है । सर्प मित्र कपिल गोस्वामी की माने तो एक माह में दस से भी ज्यादा जहरीले कोबरा और तीन अजगर निकल चुके हे डाक बंगला क्षेत्र में विस्थापन न होने से रहवासियों की मजबूरी बन चुकी है । इन जंगली और जहरीले जानवरों के बीच रहने की ।

शेयर करें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

जरूरी खबरें

संबंधित खबरें

34
पेज 1 / 6