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सरकार का मछली पालन को बढ़ाने पर फोकस : सीएम डॉ. यादव बोले- इस मामले में आत्मनिर्भर होना जरूरी

Shiv Kumar Upwal

4 months ago 321 views
सीएम डॉ. यादव बोले- इस मामले में आत्मनिर्भर होना जरूरी

- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा

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- मछली पालन के लिए प्रदेश में आ रहा है 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

- प्रदेश में मोती उत्पादन को किया जाएगा प्रोत्साहित

भोपाल,23 जून 2026 । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 जून को मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि एकीकृत मत्स्योघोग नीति 2026 के परिणाम स्वरूप प्रदेश में मछली पालन के लिए 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ रहा है। प्रदेश में प्राप्त 2 लाख 91 हजार 9 सौ 38 केज के प्रस्तावों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में मोती उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेस का अध्ययन कर उनका क्रियान्वयन प्रदेश में सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश को मछली उत्पादन में आत्म निर्भर बनाना जरूरी है। अगले ढाई साल में हमें मछली बीज बाहर से नहीं खरीदना पड़े, यह लक्ष्य रखकर विभाग कार्य करे। हर जिले में एक हेचरी आवश्यक रूप से विकसित की जाए। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में मछली बीज आसानी से मिलने से प्रदेश में मछली उत्पादन में और बढ़ोत्तरी होगी।

मछुआ क्रेडिट कार्ड में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बढ़ रहे मछली उत्पादन को ध्यान में रखते हुए कोल्ड चेन तथा अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए। ब्रांडिंग और निर्यात के लिए आवश्यक नेटवर्किंग को भी प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि नदियों के पुनर्जीवन, जलीय जीवों के संरक्षण के लिए सभी संबंधित विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें। जलीय ईको सिस्टम को विकसित करने और जल सम्पदा पर आधारित पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने के लिए भी कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत अंर्तदेशीय जल क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर अंर्तदेशीय मत्स्य पालन में सिवनी जिले को वर्ष 2023-24 के लिए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

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