सत्ता का नशा हमेशा नहीं रहता, वक्त बदलते देर नहीं लगती! : अंतिम पटेल का सत्ता पर तीखा तंज!अंतिम पटेल का वायरल संदेश, सत्ता को नसीहत!सत्ता स्थायी नहीं, कार्यकर्ताओं की सुनो!
Shiv Kumar Upwal
निसरपुर,धार 30 अक्टूबर। आदमी नहीं, समय बलवान होता है और वक्त का पहिया घूमते देर नहीं लगती। आज जिनके हाथों में सत्ता, ताकत और अधिकार हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। इसी संदेश के साथ भाजपा कार्यकर्ता अंतिम पटेल द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर साझा किया गया एक तीखा संदेश इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
अंतिम पटेल ने अपने संदेश में सत्ता और अधिकार के मद में खुद को अजेय समझने वालों को समय की ताकत का अहसास कराया है। उन्होंने लिखा कि जो लोग सत्ता के नशे में खुद को अजेय समझ बैठे हैं, वे भूल गए हैं कि समय का पहिया घूमते देर नहीं लगती। आज ताकत आपके हाथ में है तो कल हालात किसी और के पक्ष में भी हो सकते हैं। सत्ता, ताकत और अधिकार हमेशा किसी एक के पास नहीं रहते।

इस संदेश में पटेल ने जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। उनका स्पष्ट संदेश है कि सत्ता और पद मिलने के बाद जमीन से जुड़े लोगों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। जिन कार्यकर्ताओं की मेहनत और संघर्ष से संगठन मजबूत होता है, यदि उन्हीं की समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है तो जिम्मेदार लोगों को आत्ममंथन करना चाहिए।
पटेल ने अपने संदेश के माध्यम से दो टूक कहा है कि जमीन पर चलो, कार्यकर्ताओं की समस्याओं का निराकरण करो। सत्ता स्थायी नहीं होती, इसलिए पद और अधिकार का अहंकार छोड़कर कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचना जरूरी है।
व्हाट्सएप पर वायरल हो रहा यह संदेश अब राजनीतिक और संगठनात्मक चर्चाओं का विषय बन गया है। हालांकि पटेल ने अपने संदेश में किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया है, लेकिन सत्ता के अहंकार और कार्यकर्ताओं की अनदेखी को लेकर उठाए गए सवालों ने कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
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