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छात्रावास में बवाल! स्थापना दिवस की खुशियां मारपीट के आरोपों में बदली : धरमपुरी के जूनियर कन्या छात्रावास में अधीक्षिका और महिला बाल विकास प्रभारी आमने-सामने

Shiv Kumar Upwal

5 hours ago 21 views
धरमपुरी के जूनियर कन्या छात्रावास में अधीक्षिका और महिला बाल विकास प्रभारी आमने-सामने

वीडियो वायरल, शिकायत लेकर थाने पहुंचीं अधीक्षिका और बालिकाएं

सन्नी माली.…✍️

धरमपुरी,धार 1नवंबर। आदिवासी बेटियों को सुरक्षित वातावरण देने और उनके भविष्य को संवारने के उद्देश्य से संचालित कन्या छात्रावास ही यदि विवाद, हंगामे और मारपीट के आरोपों का केंद्र बन जाए तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। धरमपुरी के जूनियर कन्या छात्रावास में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की खुशियां उस समय विवाद में बदल गईं, जब छात्रावास अधीक्षिका कला चौहान और महिला बाल विकास विभाग की प्रभारी राजकुमारी ठाकुर के बीच जमकर विवाद होने का मामला सामने आया। आरोप है कि कहासुनी के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया और छात्रावास की बालिकाओं के साथ भी मारपीट की गई। घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद विभागीय महकमे में हड़कंप मच गया है।

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रंगोली बनाती छात्राएं, तभी शुरू हुआ विवाद!

जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर छात्रावास की बालिकाएं परिसर में रंगोली बनाने में जुटी थीं। इसी दौरान महिला बाल विकास विभाग की प्रभारी राजकुमारी ठाकुर छात्रावास पहुंचीं। किसी बात को लेकर अधीक्षिका कला चौहान और उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि दोनों के बीच हाथापाई हुई और इस पूरे घटनाक्रम के दौरान छात्राएं भी विवाद की चपेट में आ गईं। जिस परिसर में उस समय उत्सव और उल्लास का माहौल होना चाहिए था, वहां अफरा-तफरी मच गई।

जिनके जिम्मे सुरक्षा, उन्हीं के बीच संघर्ष!

अधीक्षिका कला चौहान ने आरोप लगाया है कि महिला बाल विकास प्रभारी राजकुमारी ठाकुर ने उनके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, छात्रावास की बालिकाओं के साथ भी मारपीट किए जाने के आरोप सामने आए हैं। यदि ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह महज दो कर्मचारियों के बीच का विवाद नहीं, बल्कि छात्रावास की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर मामला होगा।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर छात्रावास परिसर में ऐसी नौबत क्यों आई? क्या विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय की इतनी कमी है कि विवाद का खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़े? आदिवासी बेटियों के संरक्षण और देखरेख के लिए संचालित संस्थान में इस तरह के घटनाक्रम आखिर किस व्यवस्था की तस्वीर पेश करते हैं?

वीडियो वायरल, शिकायत लेकर थाने पहुंचीं अधीक्षिका और छात्राएं

घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। घटना के बाद अधीक्षिका कला चौहान छात्रावास की बालिकाओं के साथ धरमपुरी पुलिस थाने पहुंचीं और शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। अब पूरे मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम और शिकायत में लगाए गए आरोपों का निष्पक्ष परीक्षण जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

सवालों के घेरे में विभागीय व्यवस्था, जवाब कौन देगा?

इस घटना ने आदिम जाति कल्याण विभाग की छात्रावास व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा, अनुशासन और संरक्षण की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? क्या छात्राओं के बयान बिना किसी दबाव के दर्ज किए जाएंगे? क्या वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच होगी? क्या संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाबदेही तय की जाएगी?

अब जिला प्रशासन और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर निगाहें टिकी हैं। मामले को केवल आपसी विवाद बताकर नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। छात्राओं के साथ मारपीट के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना और दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करना जरूरी है।

आखिर यह छात्रावास है या आपसी विवाद निपटाने का अखाड़ा? स्थापना दिवस पर बेटियों को उत्सव की खुशियां मिलनी चाहिए थीं, लेकिन उन्हें कथित मारपीट और हंगामे के बीच क्यों रहना पड़ा? यह सवाल सिर्फ धरमपुरी के छात्रावास का नहीं, बल्कि उन तमाम व्यवस्थाओं का है जिनके भरोसे आदिवासी बेटियों की सुरक्षा और भविष्य छोड़ा गया है।

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